क्या आप जानते हैं कि 1977 में जब NASA ने Voyager 1 और Voyager 2 लॉन्च किए थे, तो उनमें एक भारतीय शास्त्रीय संगीतकार की आवाज़ को 'गोल्डन रिकॉर्ड' के रूप में ब्रह्मांड की सैर पर भेजा गया था? इस वीडियो में हम सुरश्री केसरबाई केरकर (Kesarbai Kerkar) की उस अनसुनी कहानी को गहराई से जानेंगे। हम उस दर्दनाक इत्तेफाक का भी ज़िक्र करेंगे जिसमें उनके निधन (16 सितंबर 1977) और वॉयेजर लॉन्च (5 सितंबर 1977) की तारीखों ने उन्हें दुनिया के जाने के बाद भी अमर कर दिया। साथ ही, हम बात करेंगे 1984 में भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा के ऐतिहासिक संवाद "सारे जहाँ से अच्छा" की, और 2026 में भारत के भविष्य के मिशन 'गगनयान' की। ज़रूर देखें कि कैसे भारत की संस्कृति ने सितारों तक का सफर तय किया है! वीडियो टाइमस्टैम्प (Timestamps): 0:00 | अंतरिक्ष में गूँजती आवाज़ का रहस्य 1:00 | नासा का 'गोल्डन रिकॉर्ड' मिशन क्या था? 2:30 | केसरबाई केरकर को ही क्यों चुना गया? 4:00 | तारीखों का दर्दनाक इत्तेफाक: लॉन्च और निधन 5:30 | राकेश शर्मा और ऐतिहासिक "सारे जहाँ से अच्छा" 6:45 | 2025-26 अपडेट: शुभंशु शुक्ला और गगनयान 7:30 | निष्कर्ष और यह आवाज़ आज कहाँ है? ज़रूरी लिंक्स (External Links): NASA Golden Record पर गाना सुनें: Voyager मिशन की आधिकारिक टाइमलाइन:











